बुरी नजर से बचाने के लिए बच्चों को क्यों लगाया जाता है काजल का ही टीका, जानें क्या कहता है शास्त्र

Reason Behind Putting Kajal On Baby Head: अक्सर बच्चे को बुरी नजर से बचाने के लिए मां काजल से बना हुआ काला टीका लगाती है। इसे एक तरह से प्रथा या परंपरा कह लीजिए जो भारत के हर घर में निभाई जाती है। हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कि क्या वाकई काजल का टीका लगाने से से नजर दोष दूर हो जाता है और क्या इसके पीछे का वैज्ञानिक तर्क।
नजर दोष क्या है
- धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो नजर दोष यानी कि बुरी नजर (बुरी नजर उतारने के उपाय)। अगर कोई किसी का अहित सोचता है या मन ही मन किसी का अहित करने की कोशिश करता है। ऐसे में उस व्यक्ति की नजर में दोष उत्पन्न हो जाता है और उसके भीतर की नकारात्मकता उसकी आंखों में दिखने लग जाती है।
- ऐसा व्यक्ति जब किसी को देखता है तो उसकी दूषित नज़रों से होते हुए वही नकारात्मकता किसी अन्य तक पहुंचती हैं। इसी को बुरी नजर लगना कहते हैं। वहीं, साइंस में बुरी नजर यानी कि ईविल ऑय को नेगटिविटी से जोड़कर देखा गया है। यानी कि नेगेटिव एनर्जी जो दूसरों को कमजोर करती है।
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काजल का टीका लगाने का धार्मिक तर्क
- धार्मिक या शास्त्रोक्त तर्क यह कहता है कि बुरी नजर बच्चों को बहुत जल्दी लगती है जिसके पीछे का कारण है बच्चों की आंतरिक क्षमता का कमजोर होना। काला रंग यूं तो अशुभ होता है और नकारात्मक शक्तियों का सूचक माना जाता है लेकिन नकारात्मकता को दूर करने में भी यह कारगर है।
- जैसे लोहा लोहे को काटता है ठीक वैसे ही काला रंग नकारात्मक औरे को कम कर उसे बच्चे पर हावी होने के रोकता है। यहां तक कि काला रंग राहु के दुष्प्रभाव को भी कम करता है। साथ ही, शनि (शनिदेव के वाहनों का रहस्य) का प्रिय रंग होने के कारण बच्चे पर हमेशा शनि कृपा बरसती रहती है।
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काजल का टीका लगाने का वैज्ञानिक तर्क
- साइंस के मुताबिक हर ह्यूमन बॉडी में इलेक्ट्रॉनिक मैग्नेटिक रेडिएशन यानी कि विद्युत चुंबकीय विकिरण होता है लेकिन बड़ों की तुलना में यह बच्चों में कम पाया जाता है। ऐसे में ईविल ऑय यानी कि बुरी नजर पड़ने पर बच्चों में मौजूद यही रेडिएशन बहुत तेजी से प्रभावित होता है।
- इससे बच्चे की सेहत खराब होने लगती है या बच्चे के मन पर अजीब सा असर होने लगता है जिसके कारण बच्चे के व्यवहार में असाधारण बदलाव आने लगते हैं। विज्ञान में भी ऐसा माना गया है कि काले रंग से बॉडी में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक मैग्नेटिक रेडिएशन को स्ट्रोंग बनाया जा सकता है।
तो ये था शास्त्र और विज्ञान का बच्चों को काजल का काला टीका लगाने के पीछे का तर्क। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
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